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शनिवार,
07 जून, 2003 को 06:27 GMT
तक के
समाचार
सुनिए
इतिहास को
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हिस्ट्री
टॉकिंग
डॉटकॉम का
उदघाटन
किया सईद
जाफ़री ने |
अपूर्व
कृष्ण
इतिहास आज
तक दर्ज
होता रहा
पुस्तकों
में लेकिन
इंटरनेट के
प्रसार ने
इतिहास को
ज़ुबान की
शक्ल भी दे
दी है.
हिस्ट्री
टॉकिंग
डॉटकॉम – ये
नाम है एक
नई वेबसाइट
का जिसमें
इतिहास को
सुना जा
सकता है.
शुक्रवार
को लंदन
में इस
वेबसाइट का
उदघाटन
किया जाने-माने
अभिनेता
सईद
ज़ाफ़री ने
किया.
सईद जाफ़री
लंदन में
रहते हैं
और ब्रिटेन
में बसे
भारतीयों
के लिए वो
एक पहचान
हैं.
उनकी यादों
को इस
मौक़े पर
वेबसाइट के
लिए
रिकॉर्ड भी
किया गया.
इलाहाबाद
विश्वविद्यालय
से पढ़ाई
के बाद
दिल्ली में
ऑल इंडिया
रेडियो में
काम करने
के बाद
लंदन आए
सईद जाफ़री
ने पुराने
दिनों को
अपने
अंदाज़ में
याद किया.
यादें
एक वाक़या
सुनाया
उन्होंने
तत्कालीन
प्रधानमंत्री
जवाहरलाल
नेहरू के
आज़ादी के
बाद पहली
बार लंदन
आने का.
सईद जाफ़री
तब ऑल
इंडिया
रेडियो में
काम करते
थे और
उन्हें
प्रधानमंत्री
का
इंटरव्यू
लेने
दिल्ली के
सफ़दरजंग
हवाई अड्डे
भेजा गया.

पंडित
नेहरू ने
कहा - हाँ
बेटे
ख़ुदा
हाफ़िज़,
शाबास,
ब्रावो,
ब्रावो

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सईद
जाफ़री
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उन्होंने
बताया कि
हवाई अड्डे
का नज़ारा
कुछ ऐसा था
कि नेहरू
उम्मीद कर
रहे थे कि
लोग उनसे
कहेंगे कि
कुछ दिन
भारत की
चिन्ता
छोड़
इंग्लैंड
का मज़ा
लें जहाँ
उन्होंने
छात्र जीवन
बिताया.
मगर लोग थे
कि बस
खीसें
निपोरते
नमस्कार और
सलाम की
झड़ी लगाने
पर तुले
हुए थे.
सईद जाफ़री
ने देखा कि
पंडित
नेहरू का
चेहरा
तमतमाता जा
रहा है और
ऐसे में
उनके
इंटरव्यू
की बात
मुश्किल थी.
अचानक सईद
जाफ़री ने
पंडित
नेहरू की
ओर देखकर
तेज़ आवाज़
में कहा,"
पंडित जी
आप
इंग्लैंड
जा रहे हैं
जिसे आप
प्यार करते
हैं.वहाँ
ख़ूब मज़े
कीजिएगा.
ख़ुदा
हाफ़िज़ ".
पंडित
नेहरू का
चेहरा खिल
उठा और
उन्होंने
उत्साहित
होकर उनसे
कहा," हाँ
बेटे,
ख़ुदा
हाफ़िज़,
शाबाश,
ब्रावो,
ब्रावो".
सईद जाफ़री
बताते हैं
कि अगले
दिन ये
वाक़या
मीडिया में
सुर्खियों
में आया.
राज कपूर

दसवीं
जमात तक
भी नहीं
पढ़े थे
राज कपूर
मगर
ग़ज़ब की
अंग्रेज़ी,
ग़ज़ब की
उर्दू थी
उनकी

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सईद
जाफ़री
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ऐसी ही एक
यादगार रही
उनकी भारत
के सबसे
बड़े शोमैन
राजकपूर के
साथ की
जिनकी
फ़िल्म
हिना में
उन्होंने
हिना के
पिता की
भूमिका
निभाई थी.
सईद जाफ़री
कहते हैं, "
दसवीं जमात
तक नहीं
पढ़े थे
राज कपूर
मगर ग़ज़ब
की
अंग्रेज़ी,
ग़ज़ब की
उर्दू थी
उनकी.
सईद साहब
ने बताया, "उन्होंने
मुझे हिना
के पिता का
रोल ये
कहकर दिया
कि वो
चाहते हैं
कि इस्लाम
की
ख़ूबसूरत
बातें सईद
साहब की
ज़ुबान से
टपकें ".
इसके साथ
ही सईद
साहब ने इस
मौक़े पर
भारत रत्न
से
सम्मानित
फ़िल्मकार
सत्यजित
राय और
प्रख्यात
साहित्यकार
अज्ञेय के
साथ के
अपने दिनों
को भी याद
किया.
हिस्ट्री
डॉटकॉम

विजय
राणा के
साथ सईद
जाफ़री |
सईद जाफ़री
ने जिस
हिस्ट्री
टॉकिंग
डॉटकॉम
वेबसाइट का
उदघाटन
किया उसकी
शुरूआत की
है पत्रकार
विजय राणा
ने.
विजय राणा
ने बताया
कि दरअसल
इस वेबसाइट
का
उद्देश्य
ब्रिटेन
में बसे
भारतीय और
दक्षिण
एशियाई मूल
के लोगों
द्वारा किए
जा रहे ऐसे
प्रयासों
को ज़ुबानी
शक्ल में
पूरी
दुनिया के
सामने रखना
है
जिन्होंने
तमाम
बाधाओं को
झेलते हुए
अपना एक
स्थान
हासिल किया
है.
विजय राणा
कहते हैं,"
आमतौर पर
ऐतिहासिक
महत्व की
बातचीत बस
इतिहासकारों
और
विद्वानों
तक सीमित
रह जाती है.
अब इंटरनेट
ने ये
सुविधा दी
है कि आप
लोगों की
आवाज़,
उनके अनुभव,
संस्मरण
इंटरनेट पर
सुन सकते
हैं".
उन्होंने
बताया कि
इस वेबसाइट
से नई
पीढ़ी को
भी ये
मौक़ा
मिलेगा कि
वो ये जान
सकें कि
हमारे
पूर्वज इस
मुल्क़ में
कैसे आए और
कैसे रहे.
ये वेबसाइट
दरअसल
ब्रिटेन
सरकार की
तरफ़ से
चलाए जा
रहे एक
अभियान का
हिस्सा है
जो ब्रिटेन
में एशियाई
समुदाय के
लिए चलाया
जा रहा है.
इस अभियान
के तहत 50 साल
से ज़्यादा
उम्र के
लोगों को
आगे आने के
लिए
प्रोत्साहित
किया जा
रहा है कि
जिससे वो
अपनी
विशेषताओं
और अनुभव
के उपयोग
से अपने
समुदाय में
कुछ बदलाव
ला सकें.
सईद जाफ़री
को इस
अभियान के
तहत
ब्रिटेन
में दक्षिण
एशियाई
लोगों का
सांस्कृतिक
दूत बनाया
गया है. |
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